मुख्य सामग्री पर जाएँ
SagaHerbal

आँख की गुहेरी (गुंधनी) के घरेलू उपाय: गुनगुनी सिकाई, पलकों की सफ़ाई और हाथ दूर

गुहेरी (गुंधनी या अंजनी) पलक की किनारी पर लाल, दुखती फुंसी होती है, जो अक्सर तेल ग्रंथि के बंद होकर संक्रमित होने से बनती है। आँख की गुहेरी के ये घरेलू उपाय उसी चीज़ पर टिके हैं जो सबसे ज़्यादा मदद करती है: नियमित गुनगुनी सिकाई, साफ़ पलकें और उंगलियाँ दूर।

हल्की नीली पृष्ठभूमि पर गुनगुने पानी की कटोरी पर तह किया कपड़ा, रुई के फाहे और तुलसी की टहनी

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

गुहेरी क्या है

गुहेरी आम तौर पर पलक के बाल की जड़ या तेल ग्रंथि में बैक्टीरिया से होती है। ज़्यादातर एक हफ़्ते में अपने आप फूटकर ठीक हो जाती है। बिना दर्द की सख़्त गाँठ जो हफ़्तों रहे, कैलाज़ियन हो सकती है, जिसके लिए आँखों के डॉक्टर की ज़रूरत पड़ सकती है।

गुनगुनी सिकाई (स्वेदन) सूजन कम करने का पारंपरिक आयुर्वेदिक तरीक़ा है, और आँखों के डॉक्टर भी गुहेरी के लिए यही सलाह देते हैं।

सामग्री

  • एक साफ़ कपड़ा या रुई का फाहा
  • पहले से उबले, गुनगुने पानी की कटोरी
  • पलकों की सफ़ाई के लिए गुनगुने पानी में घुला हल्का बेबी शैम्पू

बनाने की विधि

  1. पानी उबालकर इतना ठंडा होने दें कि कलाई पर आराम से गुनगुना लगे।
  2. आधा कप गुनगुने पानी में 2–3 बूँद बेबी शैम्पू मिला लें।

इस्तेमाल का तरीका

  • दिन में 3–4 बार बंद आँख पर 10 मिनट गुनगुनी सिकाई करें, ठंडा होने पर कपड़ा फिर गरम करें।
  • दिन में एक बार घुले शैम्पू में डुबोए कॉटन बड से पलकों की किनारी धीरे से साफ़ करें और धो लें।
  • गुहेरी के फूटकर शांत होने तक जारी रखें, जो अक्सर एक हफ़्ते में हो जाता है।

मददगार आदतें

  • ठीक होने तक आई मेकअप और कॉन्टैक्ट लेंस न लगाएँ, पुरानी काजल पेंसिल फेंक दें।
  • अलग तौलिया रखें और रोज़ धोएँ।
  • चेहरा छूने से पहले हाथ धोएँ।

सावधानियाँ

  • गुहेरी को कभी न दबाएँ, न सुई से फोड़ें।
  • सूजन पूरी पलक या गाल तक फैले, नज़र पर असर हो, आँख ख़ुद लाल या दर्द वाली हो, बुखार हो या एक हफ़्ते में सुधार न हो तो डॉक्टर को दिखाएँ।
  • बार-बार गुहेरी हो तो जाँच करवाएँ, डायबिटीज़ और पलकों की सूजन भी देखी जाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

गुहेरी रात भर में कैसे ठीक करें?

गुहेरी शायद ही रातों-रात जाती है। दिन में कई बार गुनगुनी सिकाई से वह जल्दी पककर फूटती है।

क्या गुहेरी छूत से फैलती है?

यह बहुत छूत वाली नहीं है, पर बैक्टीरिया फैल सकते हैं, इसलिए तौलिया, तकिया और आई मेकअप साझा न करें।

क्या गुहेरी पर गरम लौंग या अनाज रगड़ना चाहिए?

पलक पर कुछ भी रगड़ने से जलन और संक्रमण फैल सकता है। साफ़ गुनगुनी सिकाई ज़्यादा सुरक्षित है।
हल्की नीली पृष्ठभूमि पर ठंडे पानी की कटोरी, बर्फ़ के टुकड़े, खीरे के टुकड़े और रुई के फाहे

आँखों की देखभाल

5 मिनट

आँखों में खुजली के घरेलू उपाय: ठंडी सिकाई, साफ़ पानी के छींटे और एलर्जी से बचाव

आँखों में खुजली ज़्यादातर धूल, पराग, पालतू जानवरों के बाल या धुएँ से एलर्जी होती है। आँखों में खुजली के ये घरेलू उपाय बंद पलकों पर ठंडी सिकाई और साफ़ पानी के छींटों से खुजली शांत करते हैं और ट्रिगर से दूरी बनाते हैं, ताकि आँखें बार-बार न भड़कें।

नुस्खा पढ़ें
हल्की नीली पृष्ठभूमि पर ठंडे पानी की कटोरी में भीगे रुई के फाहे, बर्फ़, गुलाब की पंखुड़ियाँ और खीरा

आँखों की देखभाल

5 मिनट

आँखें लाल होने के घरेलू उपाय: ठंडी सिकाई, आराम और ख़तरे के संकेत

देर रात जागने, धूल भरे सफ़र, तैराकी, रोने या एलर्जी के बाद आँखें लाल हो सकती हैं। आँखें लाल होने के ये घरेलू उपाय ठंडी सिकाई, आराम और साफ़ आदतों से हल्की लालिमा शांत करने में मदद करते हैं, और बताते हैं कि किस तरह की लाल आँख के लिए सीधे डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

नुस्खा पढ़ें
हल्की नीली पृष्ठभूमि पर तह किया गुनगुना कपड़ा, घी का जार, अलसी और खीरे के टुकड़े

आँखों की देखभाल

10 मिनट

आँखों के सूखेपन के घरेलू उपाय: गुनगुनी सिकाई, पलक झपकाने का ब्रेक और अच्छी चिकनाई वाला खाना

स्क्रीन, एसी और धूल भरी हवा के कारण शाम तक आँखें किरकिरी और सूखी लगना आम है। आँखों के सूखेपन के ये घरेलू उपाय गुनगुनी सिकाई से पलकों की तेल ग्रंथियाँ खोलते हैं, नियमित ब्रेक में पलक झपकाने की आदत डालते हैं और ऐसी अच्छी चिकनाई वाला खाना जोड़ते हैं जो आँसुओं की परत को सहारा देता है।

नुस्खा पढ़ें
चित्र में गाजर, मेथी, आंवला, बादाम की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

आँखों की देखभाल

10 मिनट

आँखों के लिए आहार: गाजर, हरी सब्ज़ियाँ, आँवला और एक चम्मच घी

कोई भी भोजन चश्मे का नंबर नहीं उतार सकता, पर आँखों को अच्छा पोषण चाहिए। रंग-बिरंगी सब्ज़ियाँ, हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, आँवला, मेवे और थोड़ा घी वे विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट देते हैं जिन पर आँखें निर्भर हैं, और कुछ रोज़ की आदतें उनकी रक्षा करती हैं।

नुस्खा पढ़ें