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पाचन2 मिनट

रात को गुनगुने पानी के साथ त्रिफला

त्रिफला — आँवला, हरड़ और बहेड़ा का मिश्रण — आयुर्वेद के सबसे प्रचलित योगों में से एक है। कभी-कभार होने वाली कब्ज़ और पेट साफ़ रखने के लिए रात को इसकी थोड़ी मात्रा ली जाती है।

चित्र में आंवला की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

सामग्री

  • किसी भरोसेमंद ब्रांड का ½ छोटा चम्मच त्रिफला चूर्ण
  • 1 कप गुनगुना पानी

बनाने की विधि

  1. त्रिफला चूर्ण को गुनगुने पानी में घोल लें।
  2. एक मिनट रुकें ताकि चूर्ण थोड़ा बैठ जाए।

इस्तेमाल का तरीका

  • रात के भोजन के लगभग एक घंटे बाद, सोने से पहले पिएँ।
  • शुरुआत ¼ छोटे चम्मच से करें और देखें शरीर कैसा महसूस करता है। किसी वैद्य की सलाह के बिना लंबे समय तक न लें।

सावधानियाँ

  • गर्भावस्था, स्तनपान के दौरान और दस्त होने पर न लें।
  • बच्चों को बिना योग्य चिकित्सक की सलाह के न दें।
  • डायबिटीज़ या खून पतला करने की दवा ले रहे हों तो डॉक्टर से पूछें।
  • कब्ज़ 2 हफ़्ते से ज़्यादा रहे, या साथ में ख़ून या दर्द हो, तो जाँच ज़रूर करवाएँ।

मिलते-जुलते नुस्खे

फोटो में ताज़ा अदरक की जड़, नींबू के टुकड़े और सेंधा नमक का कटोरा।

पाचन

5 मिनट

खाने से पहले अदरक–नींबू का टुकड़ा

दोपहर के भोजन से पहले ताज़ा अदरक का छोटा-सा टुकड़ा नींबू और सेंधा नमक के साथ चबाना — सुस्त भूख को जगाने और अग्नि (पाचन शक्ति) को सहारा देने का पुराना तरीका है।

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फोटो में जीरा, धनिया और सौंफ के बीजों के साथ सुनहरी चाय का गिलास।

पाचन

10 मिनट

जीरा–धनिया–सौंफ की चाय

बीजों से बनी हल्की और सुकून देने वाली चाय, जिसे दिन भर घूँट-घूँट पिया जाता है। ज़्यादातर लोगों को यह आसानी से सूट करती है और खाने के बाद पेट फूलने या भारीपन में अक्सर ली जाती है।

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फोटो में अजवाइन के बीज, काला नमक और गुनगुने पानी का गिलास।

पाचन

2 मिनट

गैस में अजवाइन और काला नमक

अजवाइन का स्वाद तीखा और तासीर गर्म होती है। भारी भोजन के बाद कभी-कभार होने वाली गैस और मरोड़ में चुटकी भर अजवाइन काले नमक और गुनगुने पानी के साथ लेना रसोई का जाना-माना उपाय है।

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