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पाचन2 मिनट

गैस में अजवाइन और काला नमक

अजवाइन का स्वाद तीखा और तासीर गर्म होती है। भारी भोजन के बाद कभी-कभार होने वाली गैस और मरोड़ में चुटकी भर अजवाइन काले नमक और गुनगुने पानी के साथ लेना रसोई का जाना-माना उपाय है।

फोटो में अजवाइन के बीज, काला नमक और गुनगुने पानी का गिलास।

सामग्री

  • ½ छोटा चम्मच अजवाइन
  • एक चुटकी काला नमक
  • आधा गिलास गुनगुना पानी

बनाने की विधि

  1. चाहें तो अजवाइन को तवे पर 30 सेकंड हल्का भून लें, जब तक ख़ुशबू न आने लगे।
  2. इसमें काला नमक मिला लें।

इस्तेमाल का तरीका

  • भारी भोजन के बाद यह मिश्रण चबाएँ और ऊपर से गुनगुना पानी पी लें।
  • कभी-कभार ही लें, रोज़ की आदत न बनाएँ।

सावधानियाँ

  • एसिडिटी, अल्सर या पेट में जलन हो तो न लें।
  • गर्भवती महिलाएँ दवा के रूप में अजवाइन न लें।
  • बीपी या किडनी की वजह से कम नमक खाने वाले लोग काला नमक न डालें।
  • तेज़ या अचानक उठा पेट दर्द घरेलू इलाज की चीज़ नहीं है — तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ।

मिलते-जुलते नुस्खे

फोटो में ताज़ा अदरक की जड़, नींबू के टुकड़े और सेंधा नमक का कटोरा।

पाचन

5 मिनट

खाने से पहले अदरक–नींबू का टुकड़ा

दोपहर के भोजन से पहले ताज़ा अदरक का छोटा-सा टुकड़ा नींबू और सेंधा नमक के साथ चबाना — सुस्त भूख को जगाने और अग्नि (पाचन शक्ति) को सहारा देने का पुराना तरीका है।

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फोटो में जीरा, धनिया और सौंफ के बीजों के साथ सुनहरी चाय का गिलास।

पाचन

10 मिनट

जीरा–धनिया–सौंफ की चाय

बीजों से बनी हल्की और सुकून देने वाली चाय, जिसे दिन भर घूँट-घूँट पिया जाता है। ज़्यादातर लोगों को यह आसानी से सूट करती है और खाने के बाद पेट फूलने या भारीपन में अक्सर ली जाती है।

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चित्र में जीरा, सेंधा नमक, बर्फ़ की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

पाचन

5 मिनट

दोपहर के भोजन के साथ मसाला छाछ (तक्र)

भुने जीरे वाली ताज़ी, पतली छाछ को आयुर्वेद में पाचन के लिए सबसे अच्छे पेयों में गिना गया है। यह हल्की होती है, पेट को ठंडक देती है और झटपट बन जाती है।

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