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पाचन5 मिनट

खाने से पहले अदरक–नींबू का टुकड़ा

दोपहर के भोजन से पहले ताज़ा अदरक का छोटा-सा टुकड़ा नींबू और सेंधा नमक के साथ चबाना — सुस्त भूख को जगाने और अग्नि (पाचन शक्ति) को सहारा देने का पुराना तरीका है।

फोटो में ताज़ा अदरक की जड़, नींबू के टुकड़े और सेंधा नमक का कटोरा।

सामग्री

  • अंगूठे के बराबर ताज़ा अदरक
  • नींबू के रस की कुछ बूँदें
  • एक चुटकी सेंधा नमक

बनाने की विधि

  1. अदरक छीलकर पतले स्लाइस या बारीक लच्छों में काट लें।
  2. ऊपर से नींबू का रस और सेंधा नमक डालकर मिला लें।
  3. काँच के छोटे डिब्बे में भरकर फ्रिज में 2–3 दिन तक रख सकते हैं।

इस्तेमाल का तरीका

  • मुख्य भोजन से 10–15 मिनट पहले 1–2 पतले टुकड़े धीरे-धीरे चबाएँ।
  • दोपहर के भोजन से पहले सबसे अच्छा, क्योंकि उस समय पाचन स्वाभाविक रूप से सबसे मज़बूत होता है।

सावधानियाँ

  • एसिडिटी, सीने में जलन, मुँह के छाले या पेट का अल्सर हो तो न लें — अदरक की तासीर गर्म है।
  • खून पतला करने की दवा ले रहे हों या पित्त की पथरी हो तो पहले डॉक्टर से पूछें।
  • भूख न लगना एक हफ़्ते से ज़्यादा रहे या वज़न घटे तो डॉक्टर को दिखाएँ।

मिलते-जुलते नुस्खे

फोटो में जीरा, धनिया और सौंफ के बीजों के साथ सुनहरी चाय का गिलास।

पाचन

10 मिनट

जीरा–धनिया–सौंफ की चाय

बीजों से बनी हल्की और सुकून देने वाली चाय, जिसे दिन भर घूँट-घूँट पिया जाता है। ज़्यादातर लोगों को यह आसानी से सूट करती है और खाने के बाद पेट फूलने या भारीपन में अक्सर ली जाती है।

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फोटो में अजवाइन के बीज, काला नमक और गुनगुने पानी का गिलास।

पाचन

2 मिनट

गैस में अजवाइन और काला नमक

अजवाइन का स्वाद तीखा और तासीर गर्म होती है। भारी भोजन के बाद कभी-कभार होने वाली गैस और मरोड़ में चुटकी भर अजवाइन काले नमक और गुनगुने पानी के साथ लेना रसोई का जाना-माना उपाय है।

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चित्र में जीरा, सेंधा नमक, बर्फ़ की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

पाचन

5 मिनट

दोपहर के भोजन के साथ मसाला छाछ (तक्र)

भुने जीरे वाली ताज़ी, पतली छाछ को आयुर्वेद में पाचन के लिए सबसे अच्छे पेयों में गिना गया है। यह हल्की होती है, पेट को ठंडक देती है और झटपट बन जाती है।

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