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वायरल के बाद रह गई खाँसी के घरेलू उपाय: शहद, मुलेठी, भाप और गरम पेय

ज़ुकाम या फ़्लू ठीक होने के बाद सूखी, गले में खराश वाली खाँसी हफ़्तों तक रह सकती है। वायरल के बाद खाँसी के ये घरेलू उपाय गुनगुने पानी में शहद, मुलेठी का टुकड़ा, भाप, हल्दी वाला दूध और भरपूर गरम पेय से परेशान साँस की नली को आराम देते हैं।

हल्की नीली पृष्ठभूमि पर शहद की डंडी के साथ गुनगुने शहद पानी का कप, मुलेठी की डंडियाँ, हल्दी दूध का पीतल का कप और तुलसी

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

खाँसी लंबी क्यों खिंचती है

वायरल संक्रमण के बाद साँस की नली तीन से आठ हफ़्ते तक संवेदनशील रह सकती है, इसलिए ठंडी हवा, धूल या बोलने जैसी छोटी बातों से खाँसी उठती है। नाक से गले में टपकता बलगम और एसिड रिफ़्लक्स इसे बनाए रख सकते हैं। तीन हफ़्ते से लंबी खाँसी, या ख़तरे के संकेतों वाली खाँसी में टीबी, दमा या निमोनिया जैसे कारणों को जाँचने के लिए डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी है।

सूखी, खुरदुरी खाँसी के लिए मुलेठी और शहद क्लासिक भारतीय उपाय हैं।

सामग्री

  • 1 छोटा चम्मच शहद
  • मुलेठी का छोटा टुकड़ा
  • चुटकी भर हल्दी वाला एक कप गरम दूध

बनाने की विधि

  1. शहद को एक कप गुनगुने (गरम नहीं) पानी में घोलें।
  2. दूध को हल्दी के साथ 2 मिनट गरम करें।

इस्तेमाल का तरीका

  • सुबह और शाम शहद वाला पानी घूँट-घूँट पिएँ।
  • गले में खराश हो तो मुलेठी का छोटा टुकड़ा चूसें (थोड़े समय के लिए ही)।
  • सोते समय हल्दी वाला दूध लें और दिन में एक बार भाप लें।

मददगार आदतें

  • दिन भर गुनगुना पानी पिएँ और ठंडे पेय से बचें।
  • आवाज़ को आराम दें और धुएँ व धूल से बचें।
  • रात को खाँसी बढ़े तो सिर थोड़ा ऊँचा करके सोएँ।

सावधानियाँ

  • 1 साल से छोटे बच्चों को शहद न दें।
  • हाई बीपी, दिल या किडनी की बीमारी या गर्भावस्था में मुलेठी नियमित न लें।
  • खाँसी 3 हफ़्ते से ज़्यादा रहे, ख़ून आए, साँस फूले, घरघराहट, सीने में दर्द, बुख़ार, रात को पसीना या वज़न घटे तो डॉक्टर को दिखाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

वायरल के बाद खाँसी कितने दिन रहती है?

आम तौर पर 3–8 हफ़्ते। 3 हफ़्ते से ज़्यादा चले या ख़तरे के संकेत हों तो डॉक्टर को दिखाएँ।

लंबी सूखी खाँसी का सबसे अच्छा घरेलू उपाय क्या है?

गुनगुने पानी में शहद, मुलेठी, भाप और गरम पेय पारंपरिक उपाय हैं जिनसे बहुत से लोगों को आराम मिलता है।

क्या ज़ुकाम के बाद की खाँसी की चिंता करनी चाहिए?

आम तौर पर नहीं, पर साँस फूलने, ख़ून, बुख़ार, सीने में दर्द या वज़न घटने वाली खाँसी में डॉक्टरी मदद लें।
चित्र में मुलेठी, मिश्री, शहद, बर्फ़ की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

सर्दी-खाँसी

5 मिनट

सूखी, गुदगुदी वाली खाँसी के लिए मुलेठी और मिश्री

चूसने के लिए मुलेठी का छोटा टुकड़ा, या चुटकी भर मुलेठी चूर्ण मिश्री के साथ — गले में गुदगुदी करती सूखी, परेशान करने वाली खाँसी, ख़ासकर रात की खाँसी, का यह पारंपरिक भारतीय उपाय है।

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चित्र में शहद, नरम तकिया की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

सर्दी-खाँसी

10 मिनट

रात में सूखी खांसी के घरेलू उपाय: शहद, भाप और ऊँचा तकिया

सिर तकिये पर रखते ही शुरू होने वाली खुजली भरी सूखी खांसी थका देती है। रात में सूखी खांसी के घरेलू उपाय — गरम पानी में एक चम्मच शहद, सोने से पहले थोड़ी भाप, कमरे की हवा नम रखना और सिर थोड़ा ऊँचा करके सोना — गले को शांत करते हैं ताकि आप और परिवार आराम कर सकें।

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चित्र में ताज़ा अदरक, शहद, हल्दी, बर्फ़ की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

सर्दी-खाँसी

5 मिनट

खराश वाली खाँसी में अदरक का रस और शहद

एक चम्मच ताज़े अदरक के रस में शहद मिलाकर लेना गले की ख़राश और सूखी खाँसी में राहत का पुराना और आज़माया हुआ तरीका है।

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हल्की नीली पृष्ठभूमि पर गुनगुने नमक पानी का गिलास, शहद की डंडी, ताज़ा अदरक, मुलेठी की डंडियाँ और नमक की छोटी कटोरी

सर्दी-खाँसी

5 मिनट

गले में खराश और खुजली के घरेलू उपाय: नमक पानी के गरारे, शहद-अदरक, मुलेठी और भाप

गले में गुदगुदी और खुजली अक्सर ज़ुकाम से पहले, एलर्जी, धूल या सूखी हवा से होती है। गले में खराश और खुजली के ये घरेलू उपाय गुनगुने नमक पानी के गरारे, अदरक के रस के साथ एक चम्मच शहद, मुलेठी के टुकड़े और भाप से जल्दी आराम देते हैं।

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