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गले में खराश और खुजली के घरेलू उपाय: नमक पानी के गरारे, शहद-अदरक, मुलेठी और भाप

गले में गुदगुदी और खुजली अक्सर ज़ुकाम से पहले, एलर्जी, धूल या सूखी हवा से होती है। गले में खराश और खुजली के ये घरेलू उपाय गुनगुने नमक पानी के गरारे, अदरक के रस के साथ एक चम्मच शहद, मुलेठी के टुकड़े और भाप से जल्दी आराम देते हैं।

हल्की नीली पृष्ठभूमि पर गुनगुने नमक पानी का गिलास, शहद की डंडी, ताज़ा अदरक, मुलेठी की डंडियाँ और नमक की छोटी कटोरी

गले में खुजली क्यों होती है

गले में खुजली वायरल ज़ुकाम का शुरुआती संकेत, धूल, पराग या पालतू जानवरों से एलर्जी, प्रदूषण, धूम्रपान या एसी की सूखी हवा का असर, या एसिड रिफ़्लक्स और नाक से गले में टपकते बलगम से हो सकती है। यह आम तौर पर कुछ दिनों में ठीक हो जाती है।

गुनगुने नमक पानी के गरारे, अदरक के रस के साथ शहद और मुलेठी भारतीय घरों के सबसे जाने-पहचाने गले के उपाय हैं।

सामग्री

  • एक गिलास गुनगुने पानी में आधा छोटा चम्मच नमक
  • 1 छोटा चम्मच शहद और ताज़े अदरक के रस की कुछ बूँदें
  • मुलेठी का छोटा टुकड़ा

बनाने की विधि

  1. नमक को गुनगुने पानी में घुलने तक मिलाएँ।
  2. चम्मच में शहद और अदरक का रस मिलाएँ।

इस्तेमाल का तरीका

  • दिन में 3–4 बार गुनगुने नमक पानी से गरारे करें।
  • दिन में 2 बार शहद-अदरक धीरे-धीरे चाटें।
  • खुजली शुरू हो तो मुलेठी चूसें (थोड़े समय के लिए), और रात को भाप लें।

मददगार आदतें

  • दिन भर गुनगुना पानी घूँट-घूँट पिएँ।
  • ठंडे पेय, धुएँ, धूल और ज़ोर से बोलने से बचें।
  • एसी वाले कमरे में ह्यूमिडिफ़ायर या पानी की कटोरी रखें।

सावधानियाँ

  • 1 साल से छोटे बच्चों को शहद न दें।
  • हाई बीपी, दिल या किडनी की बीमारी या गर्भावस्था में मुलेठी नियमित न लें।
  • गले में तेज़ दर्द, निगलने या साँस लेने में दिक़्क़त, तेज़ बुख़ार, टॉन्सिल पर सफ़ेद धब्बे या एक हफ़्ते से ज़्यादा लक्षण रहें तो डॉक्टर को दिखाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

गले की खुजली जल्दी कैसे रोकें?

गुनगुने नमक पानी के गरारे, अदरक के रस के साथ एक चम्मच शहद और गुनगुना पानी पीना आम तौर पर गले की खुजली शांत करते हैं।

क्या गले में खुजली एलर्जी का संकेत है?

हो सकता है, ख़ासकर अगर छींक और आँखों में खुजली भी हो। यह ज़ुकाम की शुरुआत भी हो सकती है।

क्या मुलेठी गले की खुजली में मदद करती है?

मुलेठी गले का पारंपरिक उपाय है। थोड़ी मात्रा में, कम समय के लिए लें।
चित्र में दालचीनी, लौंग, शहद की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

सर्दी-खाँसी

10 मिनट

खराश वाले गले के लिए दालचीनी–शहद का गुनगुना पानी

दालचीनी की एक डंडी और कुछ लौंग के साथ उबला गुनगुना पानी, थोड़ा ठंडा होने पर शहद मिलाकर — ज़ुकाम की शुरुआत में गले की कच्ची, खुरदुरी खराश के लिए सुकून भरा पेय है।

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हल्की नीली पृष्ठभूमि पर शहद की डंडी के साथ गुनगुने शहद पानी का कप, मुलेठी की डंडियाँ, हल्दी दूध का पीतल का कप और तुलसी

सर्दी-खाँसी

10 मिनट

वायरल के बाद रह गई खाँसी के घरेलू उपाय: शहद, मुलेठी, भाप और गरम पेय

ज़ुकाम या फ़्लू ठीक होने के बाद सूखी, गले में खराश वाली खाँसी हफ़्तों तक रह सकती है। वायरल के बाद खाँसी के ये घरेलू उपाय गुनगुने पानी में शहद, मुलेठी का टुकड़ा, भाप, हल्दी वाला दूध और भरपूर गरम पेय से परेशान साँस की नली को आराम देते हैं।

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चित्र में हल्दी, शहद की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

सर्दी-खाँसी

10 मिनट

एलर्जी से सुबह की छींकें और बहती नाक: रोज़ की सौम्य दिनचर्या

हर सुबह छींकों की झड़ी, खुजली वाली बहती नाक और पानी भरी आँखें — अक्सर धूल या मौसम बदलने पर बढ़ती हुई — एलर्जिक राइनाइटिस की ओर इशारा करती हैं। नमक-पानी से नाक की सफ़ाई, भाप, हल्दी-शहद और घर में कुछ बदलाव इस तकलीफ़ को घटा सकते हैं।

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चित्र में हल्दी, मुलेठी, बर्फ़ की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

सर्दी-खाँसी

10 मिनट

ज़ुकाम या दिन भर बोलने के बाद बैठी हुई आवाज़

शिक्षक, गायक, कॉल सेंटर वाले और ज़ुकाम से उबर रहा हर व्यक्ति उस खरखरी, थकी आवाज़ को जानता है। आवाज़ को आराम, गरम तरल, भाप और हल्दी-घी वाले दूध या मुलेठी के घूँट स्वर तंतुओं को ठीक होने में मदद करते हैं।

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