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पाचन5 मिनट

जी मिचलाने और सफ़र में उल्टी जैसा लगने पर अदरक और इलायची

घुमावदार रास्ते पर बस में या भारी खाने के बाद जी मिचलाए? नमक लगी अदरक की पतली फाँक, या चबाने के लिए कुटी हुई हरी इलायची — ये मतली के सबसे सौम्य घरेलू उपायों में से हैं।

चित्र में ताज़ा अदरक, सेंधा नमक, इलायची की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

आयुर्वेद की दृष्टि से

आयुर्वेद में मतली (हृल्लास) को ऐसी स्थिति माना गया है जब नीचे जाने वाली ऊर्जा ऊपर की ओर चलने लगती है — अक्सर पेट भरा होने, पाचन कमज़ोर होने या सफ़र के हिचकोलों से वात बिगड़ने पर। अदरक को ‘विश्वभेषज’ यानी सबकी दवा कहा गया है और पेट ठहराने में इसका लंबा इतिहास है। इलायची ख़ुशबूदार, ताज़गी देने वाली और पेट पर हल्की है, इसलिए जिन्हें अदरक ज़्यादा गरम लगे उनके लिए अच्छी है।

सामग्री

  • ताज़ा अदरक की एक पतली फाँक (सिक्के जितनी)
  • चुटकी भर सेंधा नमक और कुछ बूँद नींबू
  • 2 हरी इलायची

बनाने की विधि

  1. अदरक की फाँक पर नमक और एक बूँद नींबू डालें।
  2. इलायची को हल्का कूट लें ताकि दाने दिखने लगें।

इस्तेमाल का तरीका

  • जी मिचलाना शुरू होते ही या सफ़र से 15 मिनट पहले अदरक की फाँक धीरे-धीरे चबाएँ।
  • या एक इलायची के दाने चबाएँ और छिलका थूक दें।
  • पूरा गिलास एक साथ पीने के बजाय पानी या नींबू पानी के छोटे घूँट लें।

मददगार आदतें

  • सफ़र में आगे की ओर मुँह करके खिड़की के पास बैठें, दूर क्षितिज की ओर देखें और फ़ोन पर पढ़ने से बचें।
  • न भूखे पेट सफ़र करें, न ठूँसकर खाकर — पहले हल्का नाश्ता कर लें।
  • ताज़ी हवा और नाक से धीमी साँस लेना बहुत लोगों को राहत देता है।

सावधानियाँ

  • गर्भावस्था में हल्की मतली आम है, पर अदरक नियमित लेने से पहले डॉक्टर से पूछें; अगर उल्टी के कारण पानी भी न टिके तो तुरंत इलाज लें।
  • एसिडिटी, पित्त की पथरी या ख़ून पतला करने की दवा लेने वालों के लिए ज़्यादा अदरक ठीक नहीं।
  • मतली के साथ तेज़ सिरदर्द, सीने में दर्द, बेहोशी-सी, पेट दर्द, पीली आँखें या ख़ून की उल्टी हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ।
  • बच्चों को बहुत थोड़ी मात्रा दें और बार-बार उल्टी हो तो बाल रोग विशेषज्ञ से मिलें।

मिलते-जुलते नुस्खे

फोटो में ताज़ा अदरक की जड़, नींबू के टुकड़े और सेंधा नमक का कटोरा।

पाचन

5 मिनट

खाने से पहले अदरक–नींबू का टुकड़ा

दोपहर के भोजन से पहले ताज़ा अदरक का छोटा-सा टुकड़ा नींबू और सेंधा नमक के साथ चबाना — सुस्त भूख को जगाने और अग्नि (पाचन शक्ति) को सहारा देने का पुराना तरीका है।

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फोटो में जीरा, धनिया और सौंफ के बीजों के साथ सुनहरी चाय का गिलास।

पाचन

10 मिनट

जीरा–धनिया–सौंफ की चाय

बीजों से बनी हल्की और सुकून देने वाली चाय, जिसे दिन भर घूँट-घूँट पिया जाता है। ज़्यादातर लोगों को यह आसानी से सूट करती है और खाने के बाद पेट फूलने या भारीपन में अक्सर ली जाती है।

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फोटो में अजवाइन के बीज, काला नमक और गुनगुने पानी का गिलास।

पाचन

2 मिनट

गैस में अजवाइन और काला नमक

अजवाइन का स्वाद तीखा और तासीर गर्म होती है। भारी भोजन के बाद कभी-कभार होने वाली गैस और मरोड़ में चुटकी भर अजवाइन काले नमक और गुनगुने पानी के साथ लेना रसोई का जाना-माना उपाय है।

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