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सोंठ और गुड़ की टॉफी, थोड़ी देर पकाकर छोटी गोलियां

सूखी अदरक का चूर्ण, यानी सोंठ, गुड़ के साथ थोड़ी देर पककर छोटी गोलियों में जम जाता है। एक टुकड़ा सहायक निवाला है, डॉक्टर का विकल्प नहीं।

लकड़ी के बोर्ड पर सोंठ पाउडर और कुरकुरा गुड़, ठंडी होती छोटी गोलियों के साथ

सोंठ और गुड़ का छोटा सा पैन

सोंठ सूखी अदरक का बारीक चूर्ण है, स्वाद में ताजी अदरक से ज्यादा गरम और सूखा। गुड़ के साथ कुछ मिनट पकने पर यह घर की चबाने वाली गोली बन जाती है, जिसे ठंडी शाम या भारी खाने के बाद लिया जाता है।

टुकड़े छोटे रखें। यह सहायक रसोई का खाना है। गला, सीना या पेट लगातार असहज रहे तो यह डॉक्टर का विकल्प नहीं।

सामग्री

  • दो छोटी चम्मच सोंठ, यानी सूखी अदरक का चूर्ण
  • आधा कप कद्दूकस या कुरकुरा गुड़
  • एक छोटी चम्मच पानी, सिर्फ गुड़ नरम करने को
  • जमाने के लिए स्टील की थाली

बनाने की विधि

  1. गुड़ को एक छोटी चम्मच पानी के साथ तब तक गरम करें जब तक वह नरम हो जाए। जोर से न उबालें।
  2. सोंठ मिलाकर थोड़ी देर पकाएं जब तक मिश्रण गाढ़ा हो, फिर थाली पर छोटी गोलियां गिरा दें।

इस्तेमाल का तरीका

  • गोलियों को ठंडा होने दें ताकि हाथ में आ जाएं।
  • खाने के बाद या ठंडी शाम को एक छोटी गोली लें।
  • बाकी को साफ सूखी डिब्बी में रखें और कुछ दिनों में खत्म करें।

मददगार आदतें

  • मिश्रण चिपचिपा रहे तो एक मिनट और पकाएं। बहुत सख्त हो जाए तो अगली बार कम देर पकाएं।
  • मसूर के दाने जितना टुकड़ा काफी है। इन्हें मिठाई की तरह नहीं खाना।

सावधानियाँ

  • सोंठ और गुड़ गरम लग सकते हैं। पेट में पहले से जलन हो तो छोड़ दें।
  • गुड़ सीमित करने वाले लोग, खासकर शुगर का ध्यान रखने वाले, पहले डॉक्टर से पूछें।
  • यह सिर्फ सहायक है और डॉक्टर का विकल्प नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या सोंठ और ताजी अदरक एक ही हैं?

सोंठ सूखी अदरक का चूर्ण है। स्वाद ताजी अदरक से ज्यादा गरम होता है, इसलिए छोटी गोली काफी है।

दिन में कितनी गोलियां लें?

एक छोटा टुकड़ा ही मतलब है। ज्यादा खाने से सिर्फ मीठा और गर्मी बढ़ेगी।

क्या बच्चे एक टुकड़ा ले सकते हैं?

बड़ा बच्चा खाने के साथ बहुत छोटा टुकड़ा चख सकता है। छोटे बच्चों के लिए पहले डॉक्टर से पूछें। यह डॉक्टर का विकल्प नहीं।
लकड़ी के बोर्ड पर हल्दी पाउडर, कुटी काली मिर्च और गुनगुने पानी से भरा पीतल का गिलास

रोग प्रतिरोधक क्षमता

5 मिनट

हल्दी और काली मिर्च का गुनगुना पानी, रोज का छोटा घूंट

एक चुटकी हल्दी और थोड़ी कुटी काली मिर्च गुनगुने पानी में मिलाना जाना-पहचाना रसोई का घूंट है, बड़ी रोज की मात्रा नहीं। यह खाने के साथ सहायक है और डॉक्टर का विकल्प नहीं।

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लकड़ी के बोर्ड पर तीन ताजी तुलसी की पत्तियां और शहद से भरी छोटी पीतल की कटोरी

रोग प्रतिरोधक क्षमता

5 मिनट

तुलसी और शहद की सुबह की चम्मच, तीन ताजी पत्तियां

तीन ताजी तुलसी की पत्तियां थोड़े शहद के साथ कूटकर सुबह की चम्मच बनती हैं। एक साल से छोटे बच्चों को शहद न दें। यह सहायक है और डॉक्टर का विकल्प नहीं।

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लकड़ी के बोर्ड पर पके चावल, एक चुटकी हल्दी, जीरे के दाने और कुछ बूंद घी

रोग प्रतिरोधक क्षमता

20 मिनट

सादा चावल, ऊपर एक चुटकी हल्दी और कुछ बूंद घी

सादा चावल पर एक चुटकी हल्दी, कुछ दाने जीरा और कुछ बूंद घी डालना रोज का खाना है, कोई खास कटोरा नहीं। यह सहायक है और डॉक्टर का विकल्प नहीं।

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