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SagaHerbal

हल्दी वाला दूध

हल्दी, चुटकी भर काली मिर्च और थोड़े घी के साथ पकाया गरम दूध भारत का सबसे जाना-माना रात का पेय है, जिसे ख़ासकर मौसम बदलने पर पिया जाता है।

चित्र में बादाम, हल्दी, काली मिर्च, दालचीनी, शहद की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

सामग्री

  • 1 कप दूध (या बादाम/ओट जैसा पौधों से बना दूध)
  • ¼ छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
  • एक छोटी चुटकी काली मिर्च
  • दालचीनी का छोटा टुकड़ा या एक कुटी इलायची (वैकल्पिक)
  • ½ छोटा चम्मच घी (वैकल्पिक); स्वादानुसार गुड़ या शहद

बनाने की विधि

  1. बर्तन में दूध लें और हल्दी, काली मिर्च व मसाले डालें।
  2. चलाते हुए धीमी आँच पर 3–4 मिनट पकाएँ ताकि तले में न लगे।
  3. आँच से उतारकर घी मिलाएँ। शहद डालना हो तो दूध के गुनगुना होने पर ही डालें, गरम में नहीं।

इस्तेमाल का तरीका

  • शाम को, सोने से लगभग एक घंटा पहले एक कप धीरे-धीरे पिएँ।

सावधानियाँ

  • खून पतला करने की दवा, डायबिटीज़ की दवा या पित्त की पथरी हो तो डॉक्टर से पूछें — दवा जितनी मात्रा में हल्दी असर डाल सकती है।
  • शहद को कभी पकाएँ या उबालें नहीं; आयुर्वेद में गरम शहद को हानिकारक माना गया है। 1 साल से छोटे बच्चे को शहद न दें।
  • डायबिटीज़ हो तो मीठा न मिलाएँ।

मिलते-जुलते नुस्खे

चित्र में आंवला, सेंधा नमक, शहद की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

रोग प्रतिरोधक क्षमता

5 मिनट

सुबह शहद के साथ ताज़ा आँवला

आँवला आयुर्वेद के सबसे सम्मानित रसायनों में से एक है और विटामिन C का भरपूर प्राकृतिक स्रोत है। मौसम में ताज़ा आँवला खाना इसका सबसे आसान तरीका है।

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चित्र में बादाम, किशमिश की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

रोग प्रतिरोधक क्षमता

2 मिनट

सुबह की ऊर्जा के लिए भीगे बादाम और किशमिश

भिगोने से बादाम और किशमिश आसानी से पचते हैं। सुबह इनकी छोटी-सी मुट्ठी दिन की पौष्टिक और पारंपरिक शुरुआत है, ख़ासकर विद्यार्थियों और बुज़ुर्गों के लिए।

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चित्र में शहद, आंवला, गुड़ की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

रोग प्रतिरोधक क्षमता

5 मिनट

च्यवनप्राश के फ़ायदे: आँवले वाला यह रसायन इम्युनिटी को कैसे सहारा देता है और कैसे लें

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