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वज़न30 मिनट

डिलीवरी के बाद वज़न कम करने के उपाय: स्तनपान के साथ सुरक्षित, सौम्य कदम

डिलीवरी के बाद कई नई माँओं पर जल्दी 'शेप में आने' का दबाव होता है। डिलीवरी के बाद वज़न कम करने के उपाय धीमे और सौम्य होने चाहिए: पौष्टिक घर का खाना, हो सके तो स्तनपान, शिशु के सोने पर आराम, शुरुआती हफ़्तों से छोटी सैर, और डॉक्टर की अनुमति के बाद कोर और पेल्विक फ़्लोर के रिकवरी व्यायाम।

चित्र में चना की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

डिलीवरी के बाद वज़न कम करने के उपाय: क्या उम्मीद रखें

ज़्यादातर महिलाएँ जन्म के समय लगभग 5–6 किलो और पहले हफ़्तों में कुछ किलो तरल खो देती हैं। बाक़ी आमतौर पर 6–12 महीनों में धीरे-धीरे घटता है। स्तनपान में अतिरिक्त ऊर्जा लगती है, पर भूख भी बढ़ती है, इसलिए कैलोरी काटने से ज़्यादा खाने की गुणवत्ता मायने रखती है।

भारतीय प्रसव के बाद की परंपराएँ (और आयुर्वेद की सूतिका परिचर्या) लगभग 40 दिन गरम, सुपाच्य, पौष्टिक भोजन, तेल मालिश और आराम पर ज़ोर देती हैं। रोज़ घी से भरे भारी लड्डू ज़रूरत से ज़्यादा वज़न बढ़ा सकते हैं, इसलिए संयम मदद करता है।

सामग्री

  • गरम भोजन: दाल, खिचड़ी, सब्ज़ियाँ, रोटी, दही
  • प्रोटीन और आयरन: अंडे, पनीर, चना, हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ
  • सेहतमंद स्नैक्स: भुना चना, फल, कुछ मेवे, एक छोटा पारंपरिक लड्डू
  • पानी, दूध और सूप ताकि शरीर में पानी बना रहे

बनाने की विधि

  1. परिवार से सादा, संतुलित खाना बनाने में मदद लें और दूध पिलाने की जगह के पास स्नैक्स तैयार रखें।

इस्तेमाल का तरीका

  • नियमित भोजन करें और नाश्ता न छोड़ें; हर बार प्रोटीन शामिल करें।
  • तैयार महसूस करें तो हल्की सैर शुरू करें और धीरे-धीरे बढ़ाएँ।
  • 6 हफ़्ते की जाँच के बाद (या सलाह के अनुसार) पेल्विक फ़्लोर (कीगल) व्यायाम और हल्के कोर व्यायाम शुरू करें, फिर तेज़ चलने और मज़बूती के व्यायाम तक बढ़ें।
  • स्तनपान के दौरान हफ़्ते में अधिकतम लगभग 0.5 किलो घटाने का लक्ष्य रखें।

मददगार आदतें

  • शिशु सोए तो आप भी सोएँ — कम नींद से क्रेविंग बढ़ती है।
  • मेहमानों की लाई मिठाई और तले स्नैक्स सीमित रखें।
  • क्रंचेस से पहले डायस्टेसिस रेक्टाई (पेट की मांसपेशियों का अलग होना) की जाँच करवाएँ।

सावधानियाँ

  • स्तनपान के दौरान क्रैश डाइट, फ़ैट बर्नर गोलियाँ, डिटॉक्स चाय और तेज़ जड़ी-बूटियों से बचें — इनसे दूध पर असर पड़ सकता है और ये शिशु तक पहुँच सकती हैं।
  • सी-सेक्शन के बाद चलने से ज़्यादा कोई व्यायाम डॉक्टर की अनुमति के बाद ही करें।
  • डॉक्टर की दी आयरन, कैल्शियम और थायरॉइड की दवाएँ जारी रखें; कोई नया सप्लीमेंट लेने से पहले पूछें।
  • ज़्यादा ख़ून आना, बुखार, बहुत थकान, उदासी या ख़ुद को नुकसान पहुँचाने के विचार हों तो डॉक्टर को दिखाएँ — प्रसव के बाद का डिप्रेशन आम है और इसका इलाज संभव है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

डिलीवरी के बाद वज़न कब से घटाना शुरू करें?

पहले 6 हफ़्ते रिकवरी पर ध्यान दें। जाँच के बाद सेहतमंद खाने और व्यायाम से धीरे-धीरे वज़न घटाना आमतौर पर ठीक है।

क्या स्तनपान से वज़न कम होता है?

इसमें अतिरिक्त ऊर्जा लगती है और कुछ महिलाओं का वज़न घटता है, पर भूख भी बढ़ती है, इसलिए खाने का चुनाव मायने रखता है।

प्रेग्नेंसी का वज़न घटने में कितना समय लगता है?

कई महिलाओं को 6–12 महीने या ज़्यादा लगते हैं। धीमा और स्थिर तरीका आपके और शिशु के लिए बेहतर है।
चित्र में मेथी, तिल, खजूर, नींबू, गुड़ की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

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