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SagaHerbal
जोड़15 मिनट

अकड़े जोड़ के लिए नीरगुंडी के तेल की मालिश

ताज़े नीरगुंडी के पत्ते तिल के तेल में गर्म करके छान लिए जाते हैं, और थोड़ा तेल अकड़े जोड़ पर हल्के हाथ से लगाया जाता है। तेल त्वचा पर रहता है। यह थोड़ी देर का सुकून है, इलाज नहीं।

लकड़ी के बोर्ड पर ताज़े नीरगुंडी पत्ते, तिल के तेल की छोटी पीतल की कटोरी और छलनी, नरम दिन की रोशनी, कोई व्यक्ति या लिखावट नहीं।

अकड़े जोड़ पर गरम नीरगुंडी का तेल

नीरगुंडी कई गलियों और गाँव के किनारे उगती है। ठंड में कड़े जोड़ के लिए घर उसके पत्ते तिल के तेल में गर्म करते आए हैं। पत्ते छान दिए जाते हैं। थोड़ा गरम तेल हथेली से त्वचा पर जाता है, ज़ोर की रगड़ से नहीं।

आयुर्वेद ऐसी अकड़न को अक्सर वात से जोड़ता है और नीरगुंडी को यहाँ बाहर लगाता है। यह मालिश जोड़ की मरम्मत नहीं करती और डॉक्टर की जगह नहीं लेती। कटी त्वचा पर न लगाएँ, और तेल आँख में न जाने दें।

सामग्री

  • मुट्ठी भर धुले हुए ताज़े नीरगुंडी के पत्ते
  • 4 बड़े चम्मच तिल का तेल
  • एक छोटी छलनी

बनाने की विधि

  1. पत्ते पोंछकर सुखाएँ, फिर बहुत धीमी आँच पर तिल के तेल में तब तक गर्म करें जब तक पत्ते फीके पड़ें और तेल में पत्तों की खुशबू आ जाए।
  2. तेल छानें और तब तक ठंडा करें जब तक कलाई पर गुनगुना लगे, तेज़ गर्म नहीं।

इस्तेमाल का तरीका

  • थोड़ा तेल अकड़े जोड़ पर हल्की हथेली से लगाएँ।
  • थोड़ी देर रहने दें, फिर अतिरिक्त तेल पोंछें ताकि कपड़े भीगें नहीं।
  • अकड़े दिन में एक बार लगाएँ। तेल न पिएँ।

मददगार आदतें

  • पत्ते अच्छी तरह सुखाएँ, वरना गरम तेल में पानी तड़केगा।
  • दिन में धीमी सैर अक्सर शाम की इस मालिश के साथ अच्छी लगती है।

सावधानियाँ

  • यह तेल सिर्फ़ बाहर का है। न पिएँ और गरम पत्ते न खाएँ।
  • कटी त्वचा पर न लगाएँ, और आँखों से दूर रखें।
  • जलन या खुजली हो तो रोक दें। बुखार, अटका जोड़, या गिरने के बाद का दर्द डॉक्टर को दिखाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या गर्म किया नीरगुंडी का तेल पिया जा सकता है?

नहीं। यह तेल सिर्फ़ त्वचा के लिए है। छानकर जोड़ पर थोड़ा लगाएँ, निगलें नहीं।

नीरगुंडी का तेल कितनी बार मलें?

जिस दिन जोड़ अकड़ा लगे, उस दिन एक बार काफ़ी है। यह पूरे दिन का इलाज नहीं।

क्या नीरगुंडी का तेल जोड़ों के दर्द का इलाज है?

नहीं। यह साधारण अकड़न के लिए गरम बाहरी मालिश है। सूजा, गर्म या चोट वाला जोड़ डॉक्टर को दिखाएँ।
लकड़ी के बोर्ड पर एक हरा अरंडी का पत्ता, अरंडी के तेल की छोटी चम्मच और मुड़ा सूती कपड़ा, गर्म रसोई की रोशनी, कोई व्यक्ति या लिखावट नहीं।

जोड़

20 मिनट

अकड़े घुटने पर अरंडी के पत्ते की गरम पट्टी

एक ताज़ा अरंडी का पत्ता, थोड़ा अरंडी का तेल लगाकर गरम किया हुआ, अकड़े घुटने पर रखा जाता है और ऊपर कपड़ा आता है। यह पट्टी सिर्फ़ बाहर की है, और गर्भावस्था में नहीं लगानी।

नुस्खा पढ़ें
रसोई की मेज़ पर मेथी की हल्की चाय का स्टील कप, मेथी के दानों की चम्मच और छोटी छलनी, सुबह की रोशनी, कोई व्यक्ति या लिखावट नहीं।

जोड़

10 मिनट

ठंडी अकड़ी सुबह में मेथी की चाय

एक छोटा चम्मच मेथी के दाने उबालकर छानने से एक छोटा गरम कप बनता है, उस सुबह जब ठंड से जोड़ अकड़े लगें। यह रसोई की चुस्की है, इलाज नहीं।

नुस्खा पढ़ें
लकड़ी की मेज़ पर एक भुनी लहसुन की कली, गरम दूध का कप और घी की छोटी चम्मच, शाम की रसोई रोशनी, कोई व्यक्ति या लिखावट नहीं।

जोड़

10 मिनट

गरम दूध में भुना हुआ लहसुन

एक लहसुन की कली नरम होने तक भूनकर कुचली जाती है और एक कप गरम दूध में मिलाई जाती है। लहसुन पेट जलाए तो कप छोड़ दें। यह रसोई की आदत है, जोड़ों के दर्द का इलाज नहीं।

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