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लैक्टोज़ इनटॉलरेंस में क्या खाएं: दही, छाछ और बिना दूध के कैल्शियम

एक गिलास दूध या एक कप चाय के बाद पेट फूलना, गैस, मरोड़ या पतला मल लैक्टोज़ इनटॉलरेंस के आम लक्षण हैं, जो भारत में बहुत आम है। लैक्टोज़ इनटॉलरेंस में क्या खाएं — दूध की जगह दही और छाछ, भोजन के साथ थोड़ी मात्रा में डेयरी, और रागी, तिल व हरी सब्ज़ियों से कैल्शियम।

चित्र में तिल, ताज़ा अदरक की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

लैक्टोज़ इनटॉलरेंस में क्या खाएं: अपनी सीमा समझें

लैक्टोज़ दूध की प्राकृतिक शक्कर है। कई वयस्कों में इसे पचाने वाला एंज़ाइम लैक्टेज़ कम बनता है, इसलिए बिना पचा लैक्टोज़ आँतों में सड़कर लक्षण पैदा करता है। यह एलर्जी नहीं है और ख़तरनाक नहीं है, पर परेशानी दे सकता है। ज़्यादातर लोग थोड़ी मात्रा, ख़ासकर ख़मीर वाले रूप में, फिर भी पचा लेते हैं।

आयुर्वेद कमज़ोर पाचन के लिए लंबे समय से तक्र (छाछ) और ताज़े दही को प्राथमिकता देता है, और दूध को हल्का बनाने के लिए उसे अदरक के टुकड़े, चुटकी भर हल्दी या इलायची के साथ उबालने की सलाह देता है — कुछ लोगों को यह मददगार लगता है।

सामग्री

  • घर का दही और पतली छाछ
  • पनीर और पुराना चीज़ (स्वाभाविक रूप से कम लैक्टोज़)
  • कैल्शियम वाले बिना डेयरी के खाने: रागी, तिल, राजमा, हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, बादाम
  • दूध उबालने के लिए अदरक या इलायची

बनाने की विधि

  1. थोड़ा दूध लेना हो तो आधा कप दूध अदरक के टुकड़े या कुटी इलायची के साथ उबालें।

इस्तेमाल का तरीका

  • एक गिलास दूध की जगह एक कटोरी दही या एक गिलास छाछ लें।
  • डेयरी ख़ाली पेट की जगह भोजन के साथ थोड़ी मात्रा में लें।
  • अपनी सीमा परखें: चौथाई कप दूध से शुरू करें और धीरे बढ़ाएँ।
  • कैल्शियम की ज़रूरत पूरी करने के लिए रागी, तिल और हरी सब्ज़ियाँ नियमित खाएँ।

मददगार आदतें

  • लेबल पढ़ें — पैकेट वाले खाने में व्हे, मिल्क सॉलिड्स और मिल्क पाउडर में लैक्टोज़ होता है।
  • दूध की कमी खले तो लैक्टोज़-फ़्री दूध और (फ़ोर्टिफ़ाइड) प्लांट मिल्क विकल्प हैं।
  • दो हफ़्ते लक्षणों की डायरी रखें।

सावधानियाँ

  • सही निदान करवाएँ — ऐसे ही लक्षण आईबीएस, सीलिएक रोग या संक्रमण से भी हो सकते हैं।
  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं और बढ़ते बच्चों को पर्याप्त कैल्शियम और प्रोटीन चाहिए; बिना डेयरी के स्रोत डॉक्टर या डायटीशियन के साथ तय करें। दूध के बाद लक्षण वाले शिशुओं को बाल रोग विशेषज्ञ को दिखाएँ, क्योंकि दूध की एलर्जी अलग है।
  • कैल्शियम या थायरॉइड की गोली लेते हों तो डेयरी और कैल्शियम वाले खाने के साथ समय के बारे में डॉक्टर से पूछें।
  • वज़न घटे, मल में ख़ून हो या बिना डेयरी के भी लक्षण रहें तो डॉक्टर को दिखाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या लैक्टोज़ इनटॉलरेंस में दही खा सकते हैं?

कई लोग खा सकते हैं, क्योंकि ख़मीर उठने से लैक्टोज़ कम हो जाता है। छोटी कटोरी से शुरू करें और देखें कैसा लगता है।

बिना दूध के कैल्शियम कैसे पाएँ?

रागी, तिल, हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, राजमा, बादाम, पनीर और फ़ोर्टिफ़ाइड प्लांट मिल्क अच्छे स्रोत हैं।

क्या लैक्टोज़ इनटॉलरेंस हमेशा रहता है?

वयस्कों में लैक्टेज़ आमतौर पर कम ही रहता है, पर डेयरी का प्रकार और मात्रा बदलकर लक्षण अच्छी तरह संभाले जा सकते हैं।
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